निष्काम भाव से सेवा करें, साथ जाएंगे केवल अच्छे-बुरे कर्म : स्वामी हेमानंद

निष्काम भाव से सेवा करें, साथ जाएंगे केवल अच्छे-बुरे कर्म : स्वामी हेमानंद

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Serve with a spirit of selflessness

Serve with a spirit of selflessness, डेरा बाबा सदानंद सेवक मंडल शिमला की ओर से आयोजित छह दिवसीय भगत मिलन समारोह के तहत रविवार को श्री श्री 1008 स्वामी हेमानंद जी महाराज ने सत्संग एवं प्रवचन किए। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं को निष्काम भाव से सेवा करने और जीवन में अच्छे कर्मों को अपनाने का संदेश दिया।
स्वामी हेमानंद जी महाराज ने कहा कि मनुष्य को निष्काम भाव से सेवा करनी चाहिए। संसार की कोई भी वस्तु मनुष्य के साथ नहीं जाएगी। जीवन के अंत में केवल उसके अच्छे और बुरे कर्म ही साथ जाएंगे। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में सेवा, सद्भाव और सत्कर्मों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को छोटी उम्र से ही अच्छे संस्कार देने का आह्वान किया। कहा कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखना बेहद जरूरी है। बच्चों को सही दिशा और संस्कार देकर ही उन्हें सामाजिक बुराइयों से बचाया जा सकता है।
स्वामी हेमानंद जी महाराज ने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन और कर्मों पर चिंतन करना चाहिए। चिंतन से ही विवेक जागृत होता है और विवेक जागृत होने पर मनुष्य परमात्मा की भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि संसार नश्वर है और एक दिन सभी को इसे छोड़कर जाना है। मनुष्य चाहे कितनी भी संपत्ति और सांसारिक वस्तुएं एकत्रित कर ले, अंत समय में वह अपने साथ कुछ भी लेकर नहीं जाएगा। इसलिए जीवन को अच्छे कर्मों, सेवा और परमात्मा के स्मरण में लगाना चाहिए। इससे पहले गुरु महाराज जी का डेरा बाबा रुद्रानंद सेवक मंडल शिमला के महासचिव अरविंद शर्मा सहित अन्य भक्तों ने महाराज जी का श्री राम मंदिर मैं स्वागत किया। इस अवसर पर पूर्व शहरी मंत्री सुरेश भारद्वाज,हाई कोर्ट के जज संदीप शर्मा,सूद सभा के प्रधान राजीव सूद,सनातन धर्म सभा के पदाधिकारी,गणपति सेवा मंडल गंज बाजार शिमला,बाबा बालक नाथ के सदस्य सहित नगर निगम प्रसाद कई गणमान्य ने भाग लिया। वहीं सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लंगर का प्रसाद का आनंद लिया।